खेल और फिटनेस के माध्यम से लड़कियों को सशक्त बनाने पर जोर -

खेल और फिटनेस के माध्यम से लड़कियों को सशक्त बनाने पर जोर

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राकेश थपलियाल
 
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं की खेलों में भागेदारी बढ़ाने पर जोर देते हुए केंद्र सरकार और राज्य स्तर के खेल संगठनों ने विशेष कार्यक्रम बनाए हैं। इससे यह संकेत साफ मिल रहे हैं कि खेलों से जुड़ने वाली महिलाओं का भविष्य बेहतर रहेगा। पिछले कुछ दिनों में खेलमंत्री किरेन रीजीजू ने महिलाओं की फिटनेस से जुड़े कार्यक्रमो में न केवल शिरकत कर उनका उत्साह बढ़ाया बल्कि उन्हें हरसंभव सहायता देने की दिशा में भी कदम उठाए।
उन्होंने यह तय किया है कि खेल और शारीरिक फिटनेस के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए खेल मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय मिलकर कार्य करेंगे
केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी और  खेल मंत्री  किरेन रीजीजू ने संयुक्त रूप से कई पहलों पर कार्य करने की घोषणा की है। यह प्रथम अवसर है जब दोनों मंत्रालयों ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक साथ महिलाओं और लड़कियों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से कई पहलों का शुभारंभ किया है।
 ईरानी और  रीजीजू  ने विशेष रूप से महिला शारीरिक शिक्षकों और सामुदायिक प्रशिक्षक के लिए एक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया। यह पहल ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और फिट इंडिया कार्यक्रमों का ही एक अंग है। इसका उद्देश्य प्राथमिक, माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में महिला शिक्षकों को फिटनेस प्रशिक्षण देकर उन्हें सशक्त बनाना है ताकि वे छात्रों, विशेषकर बालिकाओं को सशक्त बना सकें।
इस कार्यक्रम में 12,500 पीई शिक्षक और सामुदायिक प्रशिक्षकों की एक पंजीकृत भागीदारी है, जिन्हें निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। ऑनलाइन कार्यक्रम में कुल 28 सत्र होंगे (हिंदी और अंग्रेजी में) यानी प्रत्येक दिन 90 मिनट के दो सत्र और यह 8 से 26 मार्च 2021 तक चलेगा।
इस अवसर पर अपने संबोधन में  ईरानी ने कहा कि उन्हें यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई है कि इस अनूठे कार्यक्रम के लिए बहुत सारी महिलाओं ने पंजीकरण कराया है, जो आगे चलकर हमारी आने वाली पीढ़ी की लड़कियों को शारीरिक रूप से स्वस्थ होने और खेलकूद के लिए प्रेरित कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया गेम्स में 2018 से 2020 के बीच महिलाओं की भागीदारी 160 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री की कल्पना को साकार रूप देते हुए कार्यान्वित करने के लिए खेलमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और खेलो भारत पहल के माध्यम से आगे बढ़ते हुए, हम अपनी महिला एथलीटों को समर्थन और बढ़ावा देना चाहते हैं।
भविष्य के कार्यक्रमों की योजना पर विस्तार से चर्चा करते हुए, खेलमंत्री ने कहा कि यह ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों की कई परियोजनाओं के मामले में प्रथम अवसर है, जब इन्हें मंत्रालय एक साथ आयोजित करेंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष की दूसरी छमाही में, जब कोविड की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है, हमने महिला और बाल विकास मंत्रालय के सहयोग से खो खो, बास्केटबॉल, कबड्डी और फुटबॉल में लड़कियों की सुपर लीग आयोजित करने की योजना बनाई है।
इस पहल के साथ, फिट इंडिया और डब्ल्यूसीडी का उद्देश्य महिला शिक्षकों को न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर से सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षकों से सीखने का अवसर प्रदान करना है और इस प्रक्रिया में उन्हें शारीरिक फिटनेस और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सशक्त बनाना है।
इसके तहत, सरकार का उद्देश्य प्राथमिक, माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक कक्षाओं की महिला शिक्षकों को प्रशिक्षित करना है जो अपने स्कूलों में शारीरिक गतिविधियों को संचालित करती हैं और देश भर में महिला पीई शिक्षकों और सामुदायिक प्रशिक्षकों को भविष्य में पीई शिक्षक या कोच बनने की इच्छा रखने वाली महिलाओं के रूप में प्रशिक्षित करती हैं।
ऑनलाइन पीई शिक्षकों और सामुदायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अलावा, फिट इंडिया मिशन ने 8 मार्च 2021 की सुबह अखिल महिला फिट इंडिया वॉकथॉन का आयोजन किया, इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में  लोगों ने भाग लिया। इन कार्यक्रमों का आयोजन पूरे भारत में 1000 स्थलों पर किया गया था। केंद्रीय खेल मंत्री ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में वॉकथॉन को हरी झंडी दिखाई। इस आयोजन के अवसर पर अपने संबोधन में रीजीजू ने कहा कि इन पहलों के माध्यम से हम दुनिया को बताना चाहते हैं कि हमारी महिलाएं अपने निर्धारित किए गए लक्ष्यों को पूर्ण करने में सक्षम हैं, और वे हमेशा हमारे लिए प्राथमिकता रहेंगी। उन्होंने कहा कि एक मंत्रालय के रूप में, हम पुरुष और महिला दोनों एथलीटों को समान अवसर प्रदान करते हैं, लेकिन मुझे सदैव प्रसन्नता होती है जब एक महिला एथलीट पदक जीतती है। यह जीत हमारे लिए खास है।
फिट इंडिया मूवमेंट ने एनवाईकेएस के सहयोग से सभी महिलाओं के लिए फिट इंडिया वॉकथॉन का आयोजन किया 2 किलोमीटर के इस आयोजन को खेल मंत्री ने झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में भारतीय महिलाओं के उम्दा प्रदर्शन को देखकर उन्हें हार्दिक प्रसन्नता होती है। उन्होंने कहा कि ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में भारतीय महिलाएं बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं। यद्यपि हम सभी को बराबर सुविधाएं और एक समान मंच उपलब्ध करा रहे हैं लेकिन जब हमारी महिला एथलीट उम्दा प्रदर्शन करती हैं तो मुझे बेहद प्रसन्नता होती है। उन्होंने कहा कि हमारा यह सपना है कि देश की बेटियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अच्छा प्रदर्शन करें और देश का नाम रोशन करें।
इस वॉकथॉन का नेतृत्व युवा मामले सचिव  उषा शर्मा और फिट इंडिया मिशन की निदेशक  एकता विश्नोई द्वारा किया गया।
फिटनेस के बारे ने एकता विश्नोई का कहना है कि यह स्पष्ट है कि मजबूत, फिट और आत्मनिर्भर भारत की बुनियाद घर के अंदर ही रखी जाएगी। भारत की महिलाओं को इसमें बड़ी भूमिका निभानी होगी।
दूसरी तरफ फुटबॉल दिल्ली ने गिफ्ट ए बॉल अभियान शुरू किया। इसके तहत गरीब और साधनहीन परिवारों की लड़कियों को फुटबॉल भेंट की गई। इस कार्यक्रम में खेलमंत्री किरेन रीजीजू और देश के जानेमाने फुटबॉलर भाईचुंग भूटिया मौजूद थे। दोनों ने इस अभियान के लिए फुटबॉल दिल्ली के अध्यक्ष शाजी प्रभाकरन की प्रशंस की। रीजीजू ने तो बिजनेस घरानों से कहा घर ने पैसा रखकर क्या करोगे। पैसा निकालो फुटबॉल खरीदो और लड़कियों को दो। उन्होंने यह भी कहा कि खेलोगे तो खिलोगे। इसलिए पढ़ो और खेलो भी। में आपके हाथ में पेन और फुटबॉल दोनो देखना चाहता हूं। आपको हर सुविधा दी जाएगी। ब्लॉक स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक टूर्नामेंट करे जाएंगे। आपको तैयारी रखनी है।
फुटबॉल दिल्ली की तरफ से अनेक लड़कियों को फुटबॉल दी गई। उनकी तरफ से क्राउडफंडिंग से डोनेशन लेने का भी कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इससे एकत्रित होने वाला धन लड़कियों को फुटबॉल देने  पर खर्च होगा। शाजी के अनुसार 5 से 10 हजार फुटबॉल बांटने की योजना हैं। हम चाहते हैं की गिफ्ट ए बॉल ट्रेंड बने और लोग इसमें बढ़चढ कर हिस्सा लें।

पहली बार केंद्र सरकार की ओलंपिक पदक जीतने की संभावना वाले खिलाड़ियों के लिए बनी टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम में महिला हॉकी खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। इसमें शामिल होने से 25 महिला हॉकी खिलाड़ियों को ओलंपिक खेलों तक हर माह प्रत्येक को 50 हजार रुपए खर्च करने को मिलेंगे। इसका हिसाब नही मांगा जाएगा। इसके लिए सभी खिलाड़ी खेलमंत्री को धन्यवाद दे रही है। उन्हे पुरुष हॉकी खिलाड़ियों के बराबर सुविधा मिली है।
महिला खिलाड़ियों के लिए बहुत कुछ करने की तमन्ना सरकार और खेल संगठन दिखा रहे हैं पर ध्यान देने की बात यह है कि योजनाएं कागजों तक सिमट के न रह जाएं।

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