संपादकीय -

संपादकीय

Share us on
172 Views

खत्म होगा कोरोना का भौकाल खेल के मैदानों में लौटेगी रौनक

कोरोना वायरस के भौकाल की वजह से बीते वर्ष ज्यादातर समय दुनियाभर मेंलोग अपनी जान बचाने के संघर्ष में जुटे रहे। लोगों को दहशत के ऐसे अनुभव हुए जिसकी कल्पना भी उन्होंने कभी नहीं की थी। खेलों के लिए भी यह वायरस बेहद खतरनाक साबित हुआ। अनेक खिलाड़ी, कोच और अधिकारी इसके शिकार हुए। कई माह तक खेल गतिविधियों पूरी तरह से ठप्प रहीं। ओलंपिक खेल 2020 के साथ-साथ अनेक खेलों के विश्व कप और विश्व चैंपियनशिपों को स्थगित किया गया। जिससे खिलाड़ियों का हौसला बुरी तरह से टूटा। ऐसे में निराशा और अनिश्चित माहौल के बावजूद सरकारी गाइडलाइंस का पालन करते हुए खिलाड़ियों ने पूरी हिम्मत दिखाते हुए मैदान में वापसी की। पूरी सतर्कता के साथ धीरे-धीरे लगभग सभी देशों में राष्टÑीय और अंतरराष्टÑीय चैंपियनशिपों के आयोजन की शुरुआत हुई और यह माना गया है कि नए वर्ष का सूर्य उम्मीद की इन किरणों को पूरी दुनिया में फैलाने में कामयाब रहेगा कि खेलों में बहार फिर से आएगी और खेल के मैदानों में रौनक फिर लौटेगी।

इस वर्ष का सबसे बड़ा खेल आयोजन होगा जापान की राजधानी टोक्यो में जुलाई-अगस्त में होने वाले ओलंपिक खेल। एक वर्ष के स्थगन की वजह से ओलंपिक में आयोजन के स्तर और खिलाड़ियों के प्रदर्शन का स्तर पहले से बेहतर रहेगा या इसमें गिरावट आएगी? इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। अभी तो सभी यही दुआ कर रहे हैं कि ओलंपिक का आयोजन सफलतापूर्वक हो और खिलाड़ी बिना किसी दबाव के जितना हो सके बेहतर प्रदर्शन करें।

भारत सरकार ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके और बची हुई क्वालीफाइंग चैंपियनशिपों में शिरकत करने वाले अपने खिलाड़ियों को वरीयता देते हुए देश-विदेश जहां संभव हो सका उनकी उचित ट्रेनिंग की व्यवस्था में कोई कसर नहीं छोड़ी। खिलाड़ी, कोच, सपोर्ट स्टाफ और अधिकारी भी अपनी जान जोखिम में डालकर पूरी तरह से जुटे हुए हैं। जिससे उम्मीद के साथ-साथ यह भरोसा भी हो रहा है कि इनकी मेहनत ओलंपिक खेलों में रंग लाएगी।

  • यह माना गया है कि नए वर्ष का सूर्य उम्मीद की इन किरणों को पूरी दुनिया में फैलाने में कामयाब रहेगा कि खेलों में बहार फिर से आएगी और खेल के मैदानों में रौनक फिर लौटेगी।
  • इस वर्ष का सबसे बड़ा खेल आयोजन होगा जापान की राजधानी टोक्यो में जुलाई-अगस्त में होने वाले ओलंपिक खेल। एक वर्ष के स्थगन की वजह से ओलंपिक में आयोजन के स्तर और खिलाड़ियों के प्रदर्शन का स्तर पहले से बेहतर रहेगा या इसमें गिरावट आएगी? इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। अभी तो सभी यही दुआ कर रहे हैं कि ओलंपिक का आयोजन सफलतापूर्वक हो और खिलाड़ी बिना किसी दबाव के जितना हो सके बेहतर प्रदर्शन करें।
  • केन्द्रीय खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने इस दौरान जमकर काम किया। इसके लिए वह बधाई के पात्र हैं। खेलो इंडिया और फिट इंडिया अभियान के माध्यम से देश के कोने-कोने में खेलों को निचले और शीर्ष स्तर पर बढ़ावा देने के लिए एक तरफ जहां आधुनिक सुविधाओं वाले अनेक ट्रेनिंग सेंटर शुरू किए वहीं देशवासियों को फिटनेस के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। खिलाड़ियों को राष्टÑीय पुरस्कारों के तहत दी जाने वाली धनराशि को बढ़ाया। सरकारी नौकरियों में कुछ और खेलों को जोड़ा। ग्रामीण अंचलों के लोकप्रिय खेलों को बढ़ावा दिया। निजी अकादमियों को आर्थिक सहायता, स्कूली स्तर पर फिटनेस पर जोर और एक वर्ष में दो बार कोचों का भी फिटनेस टेस्ट लेने का आदेश देकर सकारात्मक संदेश दिया है।

केन्द्रीय खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने इस दौरान जमकर काम किया। इसके लिए वह बधाई के पात्र हैं। खेलो इंडिया और फिट इंडिया अभियान के माध्यम से देश के कोने-कोने में खेलों को निचले और शीर्ष स्तर पर बढ़ावा देने के लिए एक तरफ जहां आधुनिक सुविधाओं वाले अनेक ट्रेनिंग सेंटर शुरू किए वहीं देशवासियों को फिटनेस के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। खिलाड़ियों को राष्टÑीय पुरस्कारों के तहत दी जाने वाली धनराशि को बढ़ाया। सरकारी नौकरियों में कुछ और खेलों को जोड़ा। ग्रामीण अंचलों के लोकप्रिय खेलों को बढ़ावा दिया। निजी अकादमियों को आर्थिक सहायता, स्कूली स्तर पर फिटनेस पर जोर और एक वर्ष में दो बार कोचों का भी फिटनेस टेस्ट लेने का आदेश देकर सकारात्मक संदेश दिया है।

खेल मंत्रालय ने एक बड़ा कदम यह उठाया कि योग को प्रतिस्पर्द्धात्मक खेल के रूप में मान्यता दी। मैं अनेक वर्षों से अपने लेखों और संपादकीय के जरिए यह मांग करता रहा हूं कि योग को केवल शारीरिक और मानसिक फिटनेस के लिए किया जाने वाला व्यायाम ही न माना जाए बल्कि खेल प्रतियोगिता के रूप में भी इसका विकास किया जाना चाहिए। मैंने वर्ष 2019 में आकाशवाणी के लिए कीरेन रीजीजू के साथ किए विशेष साक्षात्कार में भी इस मुद्दे को उठाया था। अभी तक योग की प्रतियोगिताएं बहुत कम होती रही हैं लेकिन अब सरकार से मान्यता मिलने के बाद इसकी प्रतियोगिताओं में निश्चिित रूप से बढ़ोतरी होगी।