श्याम लाल कॉलेज में “भारतीय भाषा परिवार: सांस्कृतिक विरासत” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित -

श्याम लाल कॉलेज में “भारतीय भाषा परिवार: सांस्कृतिक विरासत” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

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  • यह सम्मेलन श्याम लाल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. रबी नारायण कर के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में आयोजित किया गया। उनके दूरदर्शी नेतृत्व और अकादमिक दृष्टि ने इस आयोजन को स्पष्ट दिशा प्रदान की तथा भारतीय ज्ञान-परंपरा एवं भाषायी विरासत के प्रति संस्थागत प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया।
  • सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय भाषाओं को केवल संप्रेषण का माध्यम न मानकर, उन्हें भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना एवं सभ्यतागत विरासत के संवाहक के रूप में समझना था।
  • सम्मेलन में उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि प्रो. चंद किरण सलूजा रहे। समापन सत्र में मुख्य अतिथि प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी, विशिष्ट वक्ता प्रो. पवन कुमार शर्मा (भारतीय भाषा समिति) तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. मंथा श्रीनिवासु (संयुक्त सचिव, यूजीसी) उपस्थित रहे।

 

राकेश थपलियाल

नई दिल्ली। सरस्वती आईकेएस सेंटर एवं आईक्यूएसी, श्याम लाल कॉलेज द्वारा भारतीय भाषा समिति, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से “भारतीय भाषा परिवार: सांस्कृतिक विरासत” विषय पर 16 एवं 17 जनवरी 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया।

यह सम्मेलन श्याम लाल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. रबी नारायण कर के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में आयोजित किया गया। उनके दूरदर्शी नेतृत्व और अकादमिक दृष्टि ने इस आयोजन को स्पष्ट दिशा प्रदान की तथा भारतीय ज्ञान-परंपरा एवं भाषायी विरासत के प्रति संस्थागत प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया।

सम्मेलन का उद्देश्य भारतीय भाषाओं को केवल संप्रेषण का माध्यम न मानकर, उन्हें भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना एवं सभ्यतागत विरासत के संवाहक के रूप में समझना था।

सम्मेलन के शैक्षणिक एवं वैचारिक संचालन में सरस्वती आईकेएस सेंटर एवं आईक्यूएसी की निदेशक प्रो. कुशा तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन में सम्मेलन की विषयवस्तु और सत्र संरचना को अकादमिक दृष्टि से समग्र एवं अंतर्विषयक स्वरूप प्राप्त हुआ।

सम्मेलन की संयोजक डॉ. सीमा गुगलानी के कुशल नेतृत्व, सुव्यवस्थित योजना एवं प्रभावी समन्वय के कारण सम्मेलन का संचालन सुचारु रूप से संपन्न हुआ। उनके प्रयासों से प्रतिभागियों के लिए विचार-विमर्श और अकादमिक संवाद का एक सार्थक मंच उपलब्ध हुआ।

दो दिनों के दौरान उद्घाटन सत्र, थीम आधारित सत्र, प्लेनरी सत्र, राउंड टेबल चर्चा, पैनल चर्चा तथा तकनीकी सत्रों के माध्यम से भारतीय भाषाओं के विविध पक्षों पर व्यापक विमर्श किया गया।

सम्मेलन में उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि प्रो. चंद किरण सलूजा रहे। समापन सत्र में मुख्य अतिथि प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी, विशिष्ट वक्ता प्रो. पवन कुमार शर्मा (भारतीय भाषा समिति) तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. मंथा श्रीनिवासु (संयुक्त सचिव, यूजीसी) उपस्थित रहे।

यह सम्मेलन भारतीय भाषाओं के अध्ययन, संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल सिद्ध हुआ और भारतीय ज्ञान-परंपरा को समकालीन अकादमिक संदर्भों से जोड़ने में सहायक रहा।

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