दिल्ली की अंडर-17 बालिका हॉकी टीम ने 55वीं केवीएस नेशनल स्पोर्ट्स मीट में पहली बार जीता रजत पदक -
Shubhankar Sharma wins by six strokes at Vishwa Samudra presents Kapil Dev Invitational Tour Championship powered by NALCO . एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले पहलवानों और सपोर्ट स्टाफ को रेसलिंग फेडरेशन या प्रो रेसलिंग लीग ईनाम में दे धनराशि: बृज भूषण शरण सिंह। स्वर्ण जीतने वाले पहलवान को दस लाख, रजत जीतने वाले को 7 लाख और कांस्य पदक जीतने वाले को 5 लाख रुपए दिए जाने चाहिए। सपोर्ट स्टाफ को भी कुछ धनराशि ईनाम में दी जानी चाहिए। प्रो रेसलिंग लीग सीजन 6 की घोषणा के अवसर पर खेल टुडे ग्रुप के प्रधान संपादक राकेश थपलियाल की सलाह पर किया आग्रह। A New Era of Sporting Leadership at Delhi Golf Club; Former National Champion and Coach Amandeep Johl Elected Captain। India’s most popular golf venue, Delhi Golf Club ready to play host to the DP World India Championship. India’s Shubhankar Sharma hoping to strike form at DP World India Championship. VBF concludes Khele Sanand Sports Utsav 2026, bringing 45,000+ young athletes together across 105 villages.

दिल्ली की अंडर-17 बालिका हॉकी टीम ने 55वीं केवीएस नेशनल स्पोर्ट्स मीट में पहली बार जीता रजत पदक

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• दिल्ली संभाग पहली बार फाइनल में पहुंचा, जहां उसे जयपुर संभाग से 0-2 से शिकस्त खाकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा

• केवी एजीसीआर कॉलोनी (सेकेंड शिफ्ट) की मिडफील्डर नैंसी और गोलकीपर एंजेल की राष्ट्रीय खेल मंच पर इस टीम के इस शानदार सफर में उल्लेखनीय भूमिका रही

खेल टुडे ब्यूरो 

नई दिल्ली। दिल्ली संभाग की बालिका हॉकी टीम ने 55वीं केवीएस नेशनल स्पोर्ट्स मीट 2026 में अंडर-17 आयु वर्ग में पहली बार रजत पदक जीतकर यादगार सफलता हासिल की। केंद्रीय विद्यालय एजीसीआर कॉलोनी, दिल्ली-92 (सेकेंड शिफ्ट) की दो प्रतिभाशाली खिलाड़ियों मिडफील्डर नैंसी और गोलकीपर एंजेल की इस टीम के फाइनल तक के सफर में उल्लेखनीय भूमिका रही, क्योंकि दोनों ने अपने बेहतरीन खेल, अनुशासन और अदम्य जज्बे से अपने विद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।

दिल्ली के लिए यह उपलब्धि इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि उसका अंडर-17 बालिका हॉकी टीम पहली बार केवीएस राष्ट्रीय स्पोर्ट्स मीट का रजत पदक लेकर लौटी है। दिल्ली ने वाराणसी संभाग को 2-0 से हराकर अपने अभियान की शुरुआत की थी। उसके बाद उसने भोपाल को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। दिल्ली ने रांची संभाग की मजबूत टीम को 2-1 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था लेकिन फाइनल में उसे जयपुर संभाग से 0-2 से शिकस्त का सामना करना पड़ा और खिताब सफलता से चूक गई। लेकिन इसके बावजूद दिल्ली के खाते में पहली बार रजत पदक था। इस शानदार सफलता ने केवी एजीसीआर के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है, जिसकी दिल्ली की हॉकी में दबदबा और विरासत रही है।

यह उपलब्धि विद्यालय के प्राचार्य विनय कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संभव हुई। खिलाड़ियों की तैयारी में स्पोर्ट्स कोच धनंजय एवं अजय चौधरी के मार्गदर्शन और निरंतर प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही दिल्ली की इस सफलता में हॉकी कोच यामीन की मेहनत, तकनीकी प्रशिक्षण और खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहन का विशेष योगदान रहा।

स्पोर्ट्स कोच धनंजय ने टीम की सफलता में शामिल नैंसी और एंजेल को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा, “यह रजत पदक केवल एक पदक नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन, टीम भावना और बेटियों के सपनों की जीत है। हमें पूरा विश्वास है कि नैंसी और एंजेल भविष्य में भी इसी तरह निरंतर मेहनत करते हुए विद्यालय, अपने शिक्षकों और प्रशिक्षकों का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगी।”

रजत पदक विजेता दिल्ली की टीम इस प्रकार है-

गोलकीपर:-एंजेल, वर्णिका

डिफेंडर:-ज्योतिका, क्रिस्टी, ओजस्वी

मिडफील्डर:- नैंसी, अवनी, प्रियंका, आफिया,

फॉरवर्ड:- साक्षी रावत, भूमि, जिज्ञासा, एकता, साक्षी।

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