एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले पहलवानों और सपोर्ट स्टाफ को रेसलिंग फेडरेशन या प्रो रेसलिंग लीग ईनाम में दे धनराशि: बृज भूषण शरण सिंह -

एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले पहलवानों और सपोर्ट स्टाफ को रेसलिंग फेडरेशन या प्रो रेसलिंग लीग ईनाम में दे धनराशि: बृज भूषण शरण सिंह

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रेसलिंग लीग सीजन 6 की घोषणा के अवसर पर खेल टुडे ग्रुप के प्रधान संपादक राकेश थपलियाल की सलाह पर किया आग्रह

मेरे विचार में स्वर्ण जीतने वाले पहलवान को दस लाख, रजत जीतने वाले को 7 लाख और कांस्य पदक जीतने वाले को 5 लाख रुपए दिए जाने चाहिए। सपोर्ट स्टाफ को भी कुछ धनराशि ईनाम में दी जानी चाहिए।ये राशि चाहे फेडरेशन दे या प्रो रेसलिंग लीग वाले दें। फेडरेशन के सी ई ओ और कोषाध्यक्ष यहां बैठे है, मैं तो अब कुछ हूं नहीं, भूत-प्रेत हो चुका हूं। उम्मीद है कि ये मेरे आग्रह को स्वीकार करेंगे।- बृज भूषण शरण सिंह

 

अशोक कुमार किंकर 

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर, 2026। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष श्री बृज भूषण शरण सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय पुरुष व महिला पहलवानों को नगद धनराशि ईनाम में देने की मांग की है।

शुक्रवार की शाम को द्वारका स्थित एक होटल में प्रो रेसलिंग लीग सीजन 6 की घोषणा के अवसर पर खेल टुडे ग्रुप के प्रधान संपादक श्री राकेश थपलियाल ने आयोजकों से पूछा कि क्या आपकी तरफ से एशियन गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय पुरुष व महिला पहलवानों को नगद धनराशि ईनाम में देने का विचार है? इस पर जवाब मिला, “नहीं, क्योंकि हम ग्रासरूट स्तर पर कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए बहुत कुछ कर रहे हैं।”

कुछ ही देर में रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष श्री बृज भूषण शरण वहां आ गए। ऐसे में अनेक खेल पत्रकारों के बीच श्री राकेश थपलियाल ने श्री बृज भूषण से अनुरोध किया कि एशियन गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय पुरुष व महिला पहलवानों को कुछ धनराशि दी जानी चाहिए। हॉकी के खेल में फेडरेशन और गोल्फ में इंडियन गोल्फ प्रीमियर लीग और इंडियन गोल्फ यूनियन 10-1 1 लाख रुपए से एक करोड़ रुपए तक ईनाम दे रहे हैं। लेकिन प्रो रेसलिंग लीग वाले तो मना कर रहे हैं पर आपके रहते कुश्ती में भी कुछ धनराशि दी जानी चाहिए। यह सुनने के बाद उन्होंने भी माना कि ईनाम दिया जाना चाहिए।

थोड़ी देर में श्री बृज भूषण शरण ने मंच से कह दिया कि “मेरे विचार में स्वर्ण जीतने वाले पहलवान को दस लाख, रजत जीतने वाले को 7 लाख और कांस्य पदक जीतने वाले को 5 लाख रुपए दिए जाने चाहिए। सपोर्ट स्टाफ को भी कुछ धनराशि ईनाम में दी जानी चाहिए।ये राशि चाहे फेडरेशन दे या प्रो रेसलिंग लीग वाले दें। फेडरेशन के सी ई ओ और कोषाध्यक्ष यहां बैठे है, मैं तो अब कुछ हूं नहीं, भूत-प्रेत हो चुका हूं। उम्मीद है कि ये मेरे आग्रह को स्वीकार करेंगे।”

श्री बृज भूषण ने कहा, ” एशियाड में कुश्ती में छह पदक आए, मैं इससे संतुष्ट नहीं हूं, आठ आने चाहिए थे। हम आठ पदक के हकदार थे।” उन्होंने पहलवानों से ओलंपिक खेलों की तैयारी में जुटने की सलाह देते हुए कहा, देश का मूड है कि कुश्ती से पदक मिलना ही चाहिए। हमारे पहलवानों ने निराश नहीं किया।हर पहलवान ओलंपिक पदक चाहते है।माता पिता भी यही चाहते है।अब सोच बदली है। आप जैसा सोचेंगे वैसा ही होगा।बेटे और बेटियां यह सोच रहे है कि पदक जीतेंगे तो वे लेकर आएंगे।
पहलवानों के पास दो वर्ष का समय है हमें आगे बढ़ना चाहिए।सरकार हर तरह की मदद सुविधा दे रही है।
फेडरेशन भी मदद  दे रही है। अब चैलेंज बड़ा हो गया है। एशियाड में स्वर्ण पदक आया तो ओलंपिक में भी स्वर्ण आना चाहिए। पहलवानों को कोई भी दिक्कत हो तो फेडरेशन और सरकार से संपर्क करें उनको मदद मिलेगी। प्रो रेसलिंग लीग भी आपकी मदद करेगी। देश की जो अपेक्षा है कि ओलंपिक में इतने पहलवान पदक जीतेंगे। हम उससे ज्यादा पदक जीत कर देश को चौंकाएंगे। ”

श्री बृज भूषण ने प्रो रेसलिंग लीग के नए सत्र के और बेहतर होने की बात करते हुए कहा, “पिछली बार जो कमियां रहीं उन्हें दूर करेंगे। जीतने वर्ल्ड चैंपियन और ओलंपिक चैंपियन भारत में प्रो रेसलिंग लीग में आए हैं उतने किसी खेल की लीग में नहीं आए होंगे। इस लीग से पहलवानों को बहुत लाभ मिला है।विदेशी खिलाड़ी टॉप के आए तो फायदा हुआ।”

उन्होंने पहलवानों के माता पिता के योगदान को भी सराहा। उन्होंने कहा, “पहलवानों के माता पिता शुरुआत में तमाम दिक्कतों के बावजूद पहलवान बनाने में अपना सब कुछ झोंक देते हैं। उनकी भूमिका बहुत बड़ी होती है।”

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प्रो रेसलिंग लीग की छठे सीजन के साथ धमाकेदार वापसी, लांच के मौके पर दिल्ली में एशियाई खेलों के पदक विजेताओं का सम्मान हुआ

  • 9 से 26 जनवरी 2027 तक केडी जाधव कुश्ती एरिना में होंगे मुकाबले; छह फ्रेंचाइजी के 86 पहलवान दिखाएंगे दम खम
  • छह टीमें और 34 अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता होंगे लीग का हिस्सा
  • एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सुजीत कलकल और अमन सहरावत समेत छह पहलवान सम्मानित
  • हर सीजन अलग फ्रेंचाइजी शहर में लीग आयोजित करने की योजना के तहत इस बार दिल्ली को मिली मेजबानी

प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) ने शुक्रवार को छठे सीजन के आयोजन की आधिकारिक घोषणा के साथ भारतीय खेल कैलेंडर में धमाकेदार वापसी की है। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के तत्वावधान में होने वाली यह लीग 9 से 26 जनवरी 2027 तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम स्थित केडी जाधव कुश्ती एरिना में आयोजित की जाएगी।

लीग के शुभारंभ समारोह में 2026 एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारतीय पहलवानों को सम्मानित किया गया। पुरुषों की फ्रीस्टाइल 65 किग्रा स्पर्धा में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने वाले सुजीत कलकल और पेरिस ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक के बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाले अमन सहरावत को सम्मान मिला। इनके अलावा अंतिम पंघाल, नितेश सिवाच, दीपक पूनिया और सुनील कुमार को भी सम्मानित किया गया। छह पदक विजेताओं का यह सम्मान समारोह भारतीय कुश्ती की शानदार उपलब्धियों को समर्पित रहा।

पीडब्ल्यूएल के छठे सीजन की मेजबानी दिल्ली को देना लीग को हर साल अलग-अलग फ्रेंचाइजी शहर में आयोजित करने की योजना का हिस्सा है। दिल्ली में कुश्ती की समृद्ध परंपरा है और यहां इस खेल के बड़ी संख्या में प्रशंसक हैं। ऐसे में राजधानी में लीग की वापसी से दर्शकों को विश्वस्तरीय मुकाबले देखने का अवसर मिलेगा।

छठे सीजन में छह फ्रेंचाइजी खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। इनमें टाइगर्स ऑफ मुंबई दंगल्स, हरियाणा थंडर्स, दिल्ली दंगल वॉरियर्स, महाराष्ट्र केसरी, पंजाब रॉयल्स और यूपी डोमिनेटर्स शामिल हैं।

इस बार लीग में पुरुष और महिला वर्ग के कुल 86 शीर्ष पहलवान हिस्सा लेंगे। इनमें 34 ओलंपियन तथा राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेता शामिल होंगे। जापान की ओलंपिक चैंपियन युई सुसाकी के साथ भारत के कई प्रमुख पहलवान भी मैट पर अपना दमखम दिखाएंगे।

प्रतियोगिता नौ ओलंपिक भार वर्गों में होगी। पुरुषों के मुकाबले 57, 65, 74, 86 और 125 किग्रा वर्ग में, जबकि महिलाओं के मुकाबले 53, 57, 62 और 76 किग्रा वर्ग में आयोजित किए जाएंगे।

टेलीविजन और डिजिटल दर्शकों के लिए मुकाबलों का प्रारूप पहले की तरह दो-दो नहीं, बल्कि तीन-तीन मिनट के दो राउंड यानी 2×3 मिनट का होगा। लीग में ‘पावर मिनट’ का नियम भी जारी रहेगा। इसके तहत मुकाबले के अंतिम 60 सेकंड में हासिल किए गए अंक दोगुने माने जाएंगे। इससे मुकाबलों के आखिरी क्षणों में रोमांच और बढ़ने की उम्मीद है।

प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) के चेयरमैन दयान फारूकी ने कहा, “कुश्ती भारतीय खेल संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और हमारे पहलवानों ने लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ाया है। प्रो रेसलिंग लीग का छठा सीजन इस समृद्ध विरासत का उत्सव होने के साथ-साथ खेल को नए वैश्विक मानकों तक ले जाने का प्रयास है। हमारा लक्ष्य हर सीजन लीग को अलग फ्रेंचाइजी शहर में आयोजित करना रहा है, ताकि देशभर के प्रशंसकों को विश्वस्तरीय कुश्ती देखने का अवसर मिले। हमें खुशी है कि दुनिया के कई बेहतरीन पहलवान दिल्ली में जुटेंगे। हमें उम्मीद है कि यह सीजन दर्शकों के लिए यादगार साबित होगा और भारत में कुश्ती की लोकप्रियता को और बढ़ाएगा।”

प्रो रेसलिंग लीग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अखिल गुप्ता ने कहा, “छठे सीजन के लिए हमारा उद्देश्य ऐसी उच्चस्तरीय लीग तैयार करना है, जिसमें प्रशंसकों की भागीदारी और उनके अनुभव को प्राथमिकता दी जाए। दिल्ली इसके लिए एक आदर्श स्थान है। यहां कुश्ती की समृद्ध विरासत है और इस शहर ने हमेशा इस खेल को अपनाया है। इसलिए छठे सीजन का दिल्ली में आयोजन हमारे लिए खास महत्व रखता है। आज का सम्मान समारोह उन खिलाड़ियों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है, जिनकी मेहनत भारतीय कुश्ती को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है। जनवरी में उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और प्रशंसकों को यादगार मुकाबले देने का अवसर मिलेगा।”

ओलंपिक कांस्य पदक विजेता और एशियाई खेल 2026 के स्वर्ण पदक विजेता अमन सहरावत ने कहा, “ओलंपिक और एशियाई खेलों में पदक जीतना वर्षों के त्याग, अनुशासन और मेहनत का परिणाम है। दिल्ली में कुश्ती समुदाय और प्रशंसकों के बीच सम्मानित होना मेरे लिए बेहद खास है। ऐसे अवसर उस सफर की याद दिलाते हैं, जिससे हम गुजरे हैं और उन लोगों की भी, जिन्होंने हर कदम पर हमारा साथ दिया। प्रो रेसलिंग लीग की दिल्ली में वापसी भी उत्साहजनक है। मुझे उम्मीद है कि इससे कुश्ती को नए दर्शक मिलेंगे और युवा पहलवान इस खेल से प्रेरित होंगे।”

एशियाई खेल 2026 के स्वर्ण पदक विजेता सुजीत कलकल ने कहा, “प्रो रेसलिंग लीग ने मेरे कुश्ती करियर में अहम भूमिका निभाई है। इस लीग ने मुझे ऐसे अवसर दिए, जिनसे मैट पर और उसके बाहर भी मेरा विकास हुआ। दुनिया के बेहतरीन पहलवानों के साथ और उनके खिलाफ मुकाबला करने से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा और बड़ी चुनौतियों का सामना करने का विश्वास मिला। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद सम्मानित होना मेरे लिए बेहद खास है। इससे मुझे अपने अब तक के सफर का एहसास होता है। पीडब्ल्यूएल मेरे सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है और मुझे खुशी है कि यह दिल्ली में लौट रही है। उम्मीद है कि लीग युवा भारतीय पहलवानों को बड़े सपने देखने का मंच देती रहेगी।”

वर्ष 2015 में शुरुआत के बाद से प्रो रेसलिंग लीग ने भारतीय कुश्ती में रोमांचक मुकाबलों और खिलाड़ियों की प्रतिभा को मंच दिया है। इसके पांच सीजन में कई यादगार प्रतिद्वंद्विताएं और शानदार प्रदर्शन देखने को मिले हैं। पांचवें सीजन के फाइनल में गत चैंपियन हरियाणा थंडर्स ने दिल्ली दंगल वॉरियर्स को 5-4 से हराकर खिताब जीता था। अब छठे सीजन से लीग को एक नया मुकाम मिलने की उम्मीद है।

पीडब्ल्यूएल के छठे सीजन के प्रसारण साझेदारों के साथ नीलामी की तारीख और इसके आयोजन स्थल की घोषणा आने वाले सप्ताहों में की जाएगी।

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