श्याम लाल कॉलेज 16-17 जनवरी को राष्ट्रीय अकादमिक सम्मेलन की मेज़बानी करेगा -

श्याम लाल कॉलेज 16-17 जनवरी को राष्ट्रीय अकादमिक सम्मेलन की मेज़बानी करेगा

Share us on
36 Views

भारतीय भाषाएँ हमारी सभ्यता की आत्मा हैं, जिनमें सदियों की ज्ञान-परंपरा और सांस्कृतिक अनुभव निहित हैं। यह सम्मेलन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप मातृभाषाओं और बहुभाषिकता को उच्च शिक्षा के केंद्र में स्थापित करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है- प्रो. रबि नारायण कर, प्राचार्य, श्याम लाल कॉलेज

राकेश थपलियाल

नई दिल्ली।दिल्ली विश्वविद्यालय का श्याम लाल कॉलेज, 16-17 जनवरी, 2026 को एक राष्ट्रीय अकादमिक सम्मेलन की मेज़बानी करने जा रहा है।

इस सम्मेलन का आयोजन सरस्वती आईकेएस सेंटर एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ द्वारा भारतीय भाषा समिति, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से किया जा रहा है।

सम्मेलन ‘भारतीय भाषा परिवार: संस्कृति से संवाद – भारतीय भाषा और सांस्कृतिक विरासत’ विषय पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य भारतीय भाषाओं के सांस्कृतिक, बौद्धिक और सभ्यतागत योगदान को रेखांकित करते हुए उनके समकालीन महत्व पर गहन अकादमिक चर्चा को आगे बढ़ाना है।

श्याम लाल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. रबि नारायण कर ने कहा कि “भारतीय भाषाएँ हमारी सभ्यता की आत्मा हैं, जिनमें सदियों की ज्ञान-परंपरा और सांस्कृतिक अनुभव निहित हैं। यह सम्मेलन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप मातृभाषाओं और बहुभाषिकता को उच्च शिक्षा के केंद्र में स्थापित करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।”

सरस्वती आईकेएस सेंटर की निदेशक प्रो. कुशा तिवारी के अनुसार “यह सम्मेलन भारतीय ज्ञान परंपरा और भाषाई धरोहर को आधुनिक शैक्षणिक विमर्श से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बनेगा। इससे बहुविषयक शोध को प्रोत्साहन मिलेगा और शिक्षा व संस्कृति के क्षेत्र में नए विचारों का आदान-प्रदान संभव होगा।”

सम्मेलन की संयोजक डॉ. सीमा गुगलानी ने बताया कि दो दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के विभिन्न भागों से विद्वान, शोधकर्ता, भाषा विशेषज्ञ एवं सांस्कृतिक अध्येता भाग लेंगे। सम्मेलन के दौरान मुख्य सत्र, तकनीकी सत्र तथा शोधपत्र प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएँगी, जिनके माध्यम से भारतीय भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विविध विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.