महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को जीवन के 50 वर्ष पूरे करने पर हार्दिक बधाई -
BCCI announces annual player retainership 2023-24 Senior Men India Team. Indian cyclists added 2 Gold, 1 Silver and 1 Bronze to the kitty on day 3 of 43rd Senior, 30th Junior Asian Track & 12th Para Track Cycling Championships. India’s top athletes eye Paris Olympics at Apollo Tyres New Delhi Marathon. Indian team wins 2 Gold, 1 Silver & 1 Bronze on day 2 of Asian Track Cycling Championships . दिल्ली यूनिवर्सिटी एल्यूमिनी दसवें पद्मश्री श्याम लाल मेमोरियल इन्विटेशनल हॉकी टूर्नामेंट में 9-0 से जीती.। Matsuyama takes historic ninth PGA TOUR victory at Genesis, Theegala 37th. CEAT ISRL Grand Finale: Bangalore to Witness High-Octane Action and Championship Showdown. India clinches four medals on day one in the 43rd Senior, 30th Junior Asian Track & 12th Para Track Cycling Championships.मेजबान श्याम लाल कॉलेज ने दसवें पद्मश्री श्याम लाल मेमोरियल इन्विटेशनल हॉकी (महिला और पुरुष) टूर्नामेंट 2024 में श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स को 7-1 से हराया। एनी स्पोर्ट्स क्लब ने जीता संदीप सूरी क्रिकेट टूर्नामेंट का ख़िताब।

महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को जीवन के 50 वर्ष पूरे करने पर हार्दिक बधाई

Share us on
367 Views

आज भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर 50 वर्ष के हो गए हैं। क्रिकेट की दुनिया में शानदार करियर के साथ उन्होंने एक अच्छे इंसान की भूमिका भी बेहतर ढंग से निभाई है। पेश है उनकी संवेदनशीलता को दर्शाती दक्षिण अफ्रीका में आईपीएल सीजन-2, 2009 के दौरान घटित एक घटना

राकेश थपलियाल

इंडियन प्रीमियर लीग सीजन-2, 2009 के
दौरान दक्षिण अफ्रीका के छोटे से शहर ईस्ट लंदन में मैंने अपनी आंखों से सचिन तेंदुलकर से जुड़ा वो नजारा देखा जिसकी कल्पना भी कोई क्रिकेट प्रेमी नहीं कर सकता है।

हम उस देश के वासी हैं जहां भक्त देवताओं के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खुलने का महीनों इंतजार करते हैं लेकिन ‘क्रिकेट के देवता’ के लिए क्रिकेट स्टेडियम के अंदर एक हॉल के कपाट नहीं खोले गए थे।

              ______________

सचिन ने मुझसे दिल्ली की एक महिला पत्रकार का हालचाल पूछा और वह स्टेडियम में किसी को तलाशते हुए से दिखाई दिए। मेरे पूछने पर सचिन ने
कहा, ‘मैं अर्जुन को ढूंढ रहा हूं।’ इस पर मैंने उन्हें बताया कि अर्जुन को दर्शकोंं के बीच घूमते हुए देखा था। यह सुनकर सचिन ने कहा, ‘दरअसल मेरे परिवार को आज रात श्रीमति नीता अंबानी के साथ मुंबई वापस जाना है। मैं अर्जुन को लेकर जल्दी से होटल पहुंचना चाहता हूं क्योंकि मैं नहीं चाहता कि मेरे परिवार की वजह से श्रीमति अंबानी को इंतजार करना पड़े।

______________

दरअसल हुआ यह कि मुंबई इंडियंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स को मैच में हराया।दोनों कप्तानों सचिन तेंदुलकर और ब्रेंडन मैकुलम को मीडिया से बात करने के लिए कांफ्रेंस हॉल में आना था जो दूसरी मंजिल पर था। इसमें जाने के दो रास्ते थे। एक मुख्य द्वार और एक पीछे की तरफ बनी मचान की तरफ से। तब के मेरे अखबार हिन्दुस्तान में खबर भेजने की डेडलाइन कुछ जल्दी थी, इसलिए मैं मैच रिपोर्ट भेजने के बाद तेजी से पिछले दरवाजे से कांफ्रेंस हॉल में जाने के लिए लपका। कुछ कदम चलने के बाद मैंने देखा कि मेरे आगे-आगे सचिन भी तेजी से बढ़ रहे हैं। सचिन ने हॉल के बंद दरवाजे को धीरे से खटखटाया। एक अश्वेत कर्मचारी ने हल्का सा दरवाजा खोला तो सचिन के साथ मैं भी अंदर जाने के लिए लपका, लेकिन तभी उस कर्मचारी ने सचिन की तरफ मुखातिब होते हुए कहा, ‘ब्रेंडन हैज स्टार्टिड द कांफ्रेंस, यू विल हैव तो वेट फॉर एटलीस्ट फिफ्टीन मिनट।’ (ब्रेंडन ने कांफ्रेंस शुरू कर दी है और आपको पन्द्रह मिनट इंतजार करना होगा।) इतना कहने के साथ ही उस अश्वेत कर्मचारी ने कुछ इंच दूर खड़े तेंदुलकर की परवाह किए बिना दरवाजे को बंद कर अंदर से ताला भी लगा दिया। ‘क्रिकेट के देवता’ का इस तरह अपमान होते देखकर मुझे बहुत तेज गुस्सा आया और मैंने दरवाजे को जोर से पीटकर हो हल्ले के साथ विरोध दर्ज कराने का मन बनाया। कुछ दिन पूर्व डरबन शहर में कांफ्रेंस के लिए देरी से पहुंचने पर मेरे साथ भी ठीक ऐसा ही व्यवहार हो चुका था। क्रिकेट स्टेडियम के अंदर सचिन के साथ ऐसा होते देखकर चुप रहना मेरा लिए मुश्किल हो रहा था। लेकिन जैसे ही मैंने सचिन की तरफ देखा तो उनके चेहरे पर गुस्सा नहीं बल्कि मायूसी का भाव था और लगा मानो वह कह रहे हों, ‘कोई बात नहीं, इंतजार कर लेते हैं।’ ऐसे में हम दोनों उस मचान पर खड़े बातचीत करने लगे और मैं एक विशेष साक्षात्कार लेने में सफल रहा। जैसे ही मैकुलम की कांफ्रेंस खत्म हुई और
हॉल का दरवाजा खोला गया तो वहां बैठे सभी पत्रकारों ने मुझे सचिन से बातचीत करते हुए देखा तो वे दंग रह गए। वहां मौजूद देश-विदेश के पत्रकार मुंबई इंडियंस के मीडिया मैनेजर से खासे नाराज हो गए थे। उन्होंने शिकायत की कि ‘हम कितने दिनों से
अनुरोध कर रहे हैं लेकिन आपने हमें समय नहीं दिलाया।’ ऐसे में उन्हें जवाब मिला कि, ‘अगर तेंदुलकर खुद ब खुद किसी से बात
करते हैं तो हम उन्हें भला कैसे रोक सकते
हैं। राकेश थपलियाल के साथ सचिन का साक्षात्कार हमारे जरिए तय नहीं हुआ था।’मैं दिल्ली का हूं इसलिए सचिन ने मुझसे दिल्ली की एक महिला पत्रकार का हालचाल पूछा और वह स्टेडियम में किसी को तलाशते हुए से दिखाई दिए। मेरे पूछने पर सचिन ने
कहा, ‘मैं अर्जुन को ढूंढ रहा हूं।’ इस पर मैंने उन्हें बताया कि अर्जुन को दर्शकोंं के
बीच घूमते हुए देखा था। यह सुनकर सचिन ने कहा, ‘दरअसल मेरे परिवार को आज रात श्रीमति नीता अंबानी के साथ मुंबई वापस
जाना है। मैं अर्जुन को लेकर जल्दी से होटल पहुंचना चाहता हूं क्योंकि मैं नहीं चाहता कि मेरे परिवार की वजह से श्रीमति अंबानी को
इंतजार करना पड़े।इसीलिए मैं चाहता था कि प्रेस कांफ्रेंस में पहले पहुंचकर जल्दी फ्री हो जाऊं।’ सचिन के ये विचार इस बात को
दर्शाते हैं कि वह कितने संवेदनशील हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.