लखनऊ में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2022 का भव्य, ऐतिहासिक और अभूतपूर्व शुभारंभ -

लखनऊ में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2022 का भव्य, ऐतिहासिक और अभूतपूर्व शुभारंभ

Share us on
509 Views

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश सरकार की तारीफ करते हुए कहा, यूपी में खेलों के विकास को लेकर जो काम हो रहा है, वह बेहतरीन है।

पिछले 9 सालों में भारत में खेलों का एक नया युग शुरू हुआ है।ये नया युग विश्व में भारत को एक खेल शक्ति बनाने का ही नहीं है ये खेलों के माध्यम से समाज के सशक्तिकरण का भी नया दौर है।- नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्री, भारत सरकार

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में खेल की गतिविधियां गांव-गांव तक पहुंची हैं। यूपी के हर जनपद में स्टेडियम के निर्माण के कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया गया है। आज  माननीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन के तहत काम हो रहा है। खेलो इंडिया हो या फिट इंडिया, खेल नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। यह खेल आयोजन “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के विजन को तय करेंगे।- योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

 

राकेश थपलियाल और अशोक किंकर 

लखनऊ। तीसरे खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2022 की दमदार और रंगारंग शुरुआत गुरुवार को यहां बाबू बनारसी दास यूनिवर्सिटी के डॉ अखिलेश दास गुप्ता स्टेडियम में हो गई। इन खेलों का वर्चुअल शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।

इस मौके पर माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने अपने संबोधन में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में भाग ले रहे खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएं दी और कहा कि खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के आयोजन से उत्तर प्रदेश और देश में खेल के माहौल में बदलाव होगा और ये खेल उत्सव देश को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ दिन पूर्व निर्देश दिया था कि ‘उद्घाटन समारोह ईश्वरीय, आलौकिक और भव्य होना चाहिए।’

भारत की धार्मिक आस्था और प्राचीन कला व संस्कृति के शानदार मिश्रण वाला ये आयोजन बिल्कुल ऐसा ही रहा। सभी ने दम साधे पूरा आनंद लिया।

सुबह की बारिश के कारण तापमान में आई थोड़ी गिरावट से शाम को मौसम खुशगवार रहा और खिलाड़ी, मंत्री, अधिकारी और दर्शक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खेलमय बातों और बेहतरीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में ऐसा डूबे की उन्हे उमस और गर्मी का ज्यादा अहसास नहीं हुआ।

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में खेलो इंडिया गेम्स में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियो को बधाई दी और कहा कि ‘आज यूपी में देश की खेल प्रतिभाओ का संगम बना है। खेलो इंडिया में खेलो इंडिया में जो जितने खिलाड़ी आये है वे अलग राज्यो व  अलग-अलग क्षेत्रों से आये है। मैं यूपी का सांसद हूं ओर यूपी में आने वाले सभी खिलाड़ियों का स्वागत करता हूँ।’

पीएम मोदी ने कहा कि पहले खेलों में घोटाले होते थे और अब पूरे देश में खेलों को लेकर नया माहौल है।पीएम ने कहा कि पहले की सरकारों ने केवल कार्यक्रमों के नाम बदले थे, अब खेल को नेक्सट लेवल पर ले जाया जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि  कुछ साल पहले हमने खेलो इंडिया स्कूल गेम्स की शुरुआत की। अब खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स और विंटर्स गेम की भी शुरुआत हो गई है।

पीएम मोदी ने योगी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि यूपी में खेलों के विकास को लेकर जो काम हो रहा है, वह बेहतरीन है। पीएम ने आगे कहा कि मैं आप सभी खिलाड़ियों को आने वाली प्रतिस्पर्धाओं के लिए भी बहुत बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 9 सालों में भारत में खेलों का एक नया युग शुरू हुआ है। ये नया युग विश्व में भारत को एक खेल शक्ति बनाने का ही नहीं है ये खेलों के माध्यम से समाज के सशक्तिकरण का भी नया दौर है।

हमारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्पोर्ट्स को एक विषय के रूप में पढ़ाया जाना प्रस्तावित है। स्पोर्ट्स अब पाठ्यक्रम का हिस्सा होने जा रहा है। देश की पहली राष्ट्रीय खेल  यूनिवर्सिटी के निर्माण से इसे और मदद मिलेगी। 

पीएम मोदी ने कहा कि अब खेल को अट्रैक्टिव प्रोफेशन के तौर पर देखा जाने लगा है। हमारी सरकार ने खिलाड़ियो की दशकों पुरानी समस्या का निदान किया है

आज खिलाड़ियो के कल्याण के लिए बजट बढ़ाया गया है और खिलाड़ियो की पहचान करके उन्हें आर्थिक सहायता दी जा रही है। 

पीएम मोदी ने युवा खिलाड़ियों से कहा कि इन खेलों में भाग लेने के साथ हम खेलेंगे भी और खिलेंगे भी।

पीएम मोदी ने कहा कि इन गेम्स का समापन मेरे संसदीय क्षेत्र वाराणसी में होगा और मैं उसी का इंतजार कर रहा हूं। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स जैसे टूर्नामेंट टीम भावना को विकसित करने में मदद करते हैं और विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान होगा।

इसी के साथ दस दिनों तक उत्तर प्रदेश की मेजबानी में चलने वाले खेल उत्सव की आधिकारिक शुरुआत हो गई जिसमें देश भर के विभिन्न यूनिवर्सिटीज से आये 4700 से ज्यादा खिलाड़ी विभिन्न खेल स्पर्धाओं में भाग लेंगे। ये सभी अपने कौशल, नीति और धैर्य (कौशल, रणनीति और धैर्य) के मंत्र और ‘गर्व से गौरव’ के मंत्र के साथ इस टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए पहुंचे हैं।

इस समारोह में श्री अनुराग ठाकुर (माननीय केंद्रीय युवा मामले और खेल और सूचना और प्रसारण मंत्री, भारत सरकार) भी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। 

आज उद्घाटन समारोह में  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री. योगी आदित्यनाथ,  श्री निसिथ प्रमाणिक, केंद्रीय राज्य मंत्री, युवा मामले और खेल मंत्रालय, भारत सरकार , श्री बृजेश पाठक, उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार,  श्री राकेश सचान,  कैबिनेट मंत्री, एमएसमएमई उत्तर प्रदेश सरकार, श्री दयाशंकर सिंह, माननीय परिवहन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उत्तर प्रदेश सरकार, श्री गिरीश चंद्र यादव, माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), खेल एवं युवा कल्याण, उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य  मंत्री भी मौजूद रहे।

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री डी सी मिश्रा और अपर मुख्य सचिव खेल, डॉ नवनीत सहगल और बाबू बनारसी दास ग्रुप के प्रेसिडेंट श्री विराज सागर दास भी मौजूद रहे। भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सहित 100 से ज्यादा अधिकारी मौजूद रहे।

इस उद्घाटन समारोह की शुरुआत देश के जनमानस में बसे धर्म ग्रंथ रामायण पर एक प्रतीकात्मक कहानी के चित्रण के साथ हुई। इसे समृद्ध भारतीय संस्कृति और परंपरा को अष्टकोण के आकार की विशाल स्क्रीन पर प्रदर्शित किया गया जो जमीन से 50 फुट ऊपर हवा में लटकी थी। इस नयनाभिराम प्रस्तुति को देख स्टेडियम में मौजूद सभी माननीय अतिथिगण सहित खचाखच भरे स्टेडियम में बैठे दर्शक मोहित हो गए। 

इसके साथ ही  गुरु शिष्य परंपरा को दर्शाती गाथा पर विशेष ध्यान दिया गया जिसका भारतीय जन-जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान है। भारत की इस परंपरा को दर्शाने के लिए महाभारत कालीन गुरु द्रोणाचार्य और उनके  शिष्य अर्जुन  की पौराणिक कहानी का सहारा लेते हुए ताना-बाना बुना गया था। यहां यह भी बताते चले कि गुरुओं द्वारा मौखिक  रुप से अपने शिष्यों को उत्तराधिकार में ज्ञान देने की परंपरा है। 

इस आकर्षक शो में  कलाकारों ने समृद्ध संस्कृति और विरासत से नए भारत के उत्तर प्रदेश के आधुनिक विकास में परिवर्तन की कहानी दर्शायी। इस दौरान खेलों के शुभंकर जीतू द  बारासिंघा पर भी सबकी निगाहें टिकी जो गर्व से गौरव का प्रतीक है। बताते चले कि बारासिंघा उत्तर प्रदेश का राज्य पशु है जो उत्तर प्रदेश की जीवंतता का प्रतीक है। जीतू ने पिछले यूनिवर्सिटी गेम्स के शुभंकरों- जय और विजय के साथ जैसे ही मैदान में कदम रखा माहौल एकदम रोमांचकारी हो गया और सभी ने शुभंकर व मशाल का करतल ध्वनि से स्वागत किया। 

इस दौरान भारत में एथलीट आइकान ओलंपियन एथलीट पद्मश्री सुधा सिंह, हॉकी ओलंपियन दानिश मुज्तबा, राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेता जूडोका विजय यादव और भारतीय हॉकी खिलाड़ी प्रीति दुबे ने इन खेलों की मशाल को रोशन किया।  

इस अवसर पर खेलों के दौरान स्थिरता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया और सबने जीवन मिशन शपथ” के साथ इसे सुनिश्चित करने की शपथ ली।

इस दौरान खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2022 उत्तर प्रदेश के अधिकृत एंथम “खेलो इंडिया – हर दिल में देश” को सुप्रसिद्ध सूफी गायक कैलाश खेर ने गाकर अपने सुरो से लोगों में जोश भर दिया। इसके साथ  ही खिलाड़ियों ने दस दिवसीय इस आयोजन में खेल भावना के साथ अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए संकल्प भी लिया। वहीं स्टेडियम में मौजूद खिलाड़ी कैलाश खेर के सुरों पर जमकर झूमे। 

इस दौरान भारत माता की जय और वंदेमातरम के जय घोष से पूरा स्टेडियम गुंजायमान हो गया। इन खेलों के अधिकृत एंथम “खेलो इंडिया – हर दिल में देश” को प्रसिद्ध गायक पलाश सेन ने कंपोज किया है और अपने सुरों में गाया है। 

इस अवसर पर खेलों की मशाल का एनसीसी कैडेट्स के साथ मेजबान विश्वविद्यालय बीबीडी विश्वविद्यालय के छात्रों ने स्वागत किया। इस मशाल रिले ने पिछले 20 दिनों में पूरे राज्य का सफर तय किया है और इस दौरान 5 लाख से अधिक लोग रिले में शामिल हुए और खेलों के प्रति चारों ओर चर्चा और उत्साह का माहौल सृजित हुआ। 

वहीं खेलों इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में भाग लेने वाले यूनिवर्सिटीज के खिलाड़ियों का समर्थन करने के लिए लखनऊ, वाराणसी, गौतमबुद्धनगर और गोरखपुर में आयोजन स्थलों पर भारी संख्या में आने का विश्वास है जो देश भर के बड़े नामों के खिलाफ चुनौती पेश करेंगे। 

सीएम श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में खेल की गतिविधियां गांव-गांव तक पहुंची हैं। यूपी के हर जनपद में स्टेडियम के निर्माण के कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया गया है। आज  माननीय प्रधान मंत्री जी मार्गदर्शन के तहत काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि  खेलो इंडिया हो या फिट इंडिया, खेल नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। यह खेल आयोजन “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के विजन को तय करेंगे।

सीएम योगी ने इस बात पर गर्व जताया कि उत्तर प्रदेश को खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की मेजबानी मिली है। हमारी सरकार में हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान बनवाया जा रहा है और हर जिले में महिला मंगल दल को खेल किट दे रहे हैं। हम एथलीटों को नौकरी, नकद पुरस्कार भी दे रहे हैं और राज्य और देश के लिए पदक जीतने वालों के लिए खेल कोटे में नौकरी भी दी जा रही है। 

श्री अनुराग ठाकुर  ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का यह तीसरा संस्करण आयोजित हो रहा है और खेलो इंडिया गेम्स के लिए ये बड़ा कदम है। 

यह हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का विजन है कि खेलों को देश की बड़ी संख्या में मौजूद युवा आबादी का एक अभिन्न अंग बनाया जाये।

उन्होंने कहा कि 2018 में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में खेलो इंडिया स्कूल गेम्स की शुरुआत हुई थी जिसका स्तर अब अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरुप हो गया है।  वर्तमान में खेलो इंडिया यूथ गेम्स के 5 संस्करण और यूनिवर्सिटी गेम्स के 2 संस्करण आयोजित किए  जा चुके है। 

इसके साथ उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश खेल विभाग की सराहना की कि वे खेलों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। खेलों के दौरान चिकित्सा सुविधाओं को भी काफी महत्व दिया जा रहा है। 

भीषण गर्मी को देखते हुए सभी स्थलों पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था के साथ स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं मौके पर डाक्टरों की ड्यूटी भी  रहेंगी और जनरल मेडिसिन भी उपलब्ध रहेंगी। 

इसके साथ ही आयोजन स्थलों के पास अस्पताल भी चिन्हित कर लिए गए हैं, जिनका जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जा सके। इसके साथ ही एंबुलेंस की भी समुचित व्यवस्था की  जाएगी। इस आयोजन को भव्य रूप से सफल बनाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। 

श्री गिरीश चंद्र यादव  (माननीय राज्यमंत्री, स्वतंत्र प्रभार, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, उ.प्र. सरकार) ने कहा कीआज दुनिया देख रही है यूपी इतने बड़े खेल का आयोजन इतने भव्य तरीके से कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब इन खेलों की मेजबानी यूपी कर रहा है। ऐसे में इसका आयोजन ऐसा हो जो दूसरों के लिए नजीर बनने जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि हमने काफी पहले से इसके आयोजन को लेकर तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने बताया कि इसमें आ रहे खिलाड़ियों व अन्य आगंतुकों को उच्च स्तरीय सुविधाएं दी है। इन खेलों में प्रतिभाग करने आ रहे 207 विश्वविद्यालयों के चार हजार 700 खिलाड़ियों की सुविधा का पूरी तरह से  ख्याल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश  इससे भी बड़े आयोजन के लिए तैयार है। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि उनकी सरकार खेलों के प्रति गम्भीर है और यहां से नई प्रतिभाओं को तराशा जायेगा।

 

डॉ नवनीत सहगल , आईएएस, अपर मुख्य सचिव, खेल और युवा कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, ने कहा कि ‘आखिरकार इंतजार खत्म हो गया है, और उत्तर प्रदेश में इन खेलों में भाग लेने वाले एथलीटों के लिए बहुत उत्साह है। उत्तर प्रदेश इन एथलीटों का गर्मजोशी से स्वागत करता है क्योंकि खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स उत्तर प्रदेश 2022 के ऐतिहासिक संस्करण का मंचन है। हमने इस आयोजन में सभी के लिए सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की है और उम्मीद है कि एथलीट इन खेलों में भाग लेने वाले एथलीट राज्य के राजदूत के रूप में वापस जाएंगे। हमें यहां उच्चस्तर की  प्रतिस्पर्धा की उम्मीद हैं और यह राज्य भर के सभी एथलीटों के लिए  यह एक उत्कृष्ट अवसर है कि खेल के पावरहाउस के रूप में अपने विश्वविद्यालयों की प्रतिष्ठा को मजबूत कर सके।’

Leave a Reply

Your email address will not be published.