हॉकी इंडिया का अभियान-हर घर हो हॉकी की पहचान -

हॉकी इंडिया का अभियान-हर घर हो हॉकी की पहचान

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 हॉकी को देश के दूरदराज इलाकों तक ले जाने का वादा

 

इस प्रोग्राम के माध्यम से, हॉकी इंडिया यह सुनिश्चित करेगा कि हर स्टेट मेंबर यूनिट अपने जिला संघों के साथ मिलकर टैलेंट की पहचान करेगा और उनके लिए नियमित कोचिंग कैंप आयोजित करेगा ।

खेल टुडे ब्यूरो 

नई दिल्ली: हॉकी को देश के दूरदराज के हिस्सों तक पहुंचाने के लिए इस खेल के नेशनल गवर्निंग बाडी- हॉकी इंडिया ने ‘हॉकी इंडिया का अभियान-हर घर हो हॉकी की पहचान’ प्रोग्राम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य सभी जिलों में नियमित कोचिंग कैम्प आयोजित कराना है और साथ ही हाथ इंटर डिस्ट्रिक्ट कंपटीशन कराना है।

उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम क्षेत्रों में पहली बार सफलतापूर्वक हॉकी इंडिया जोनल चैंपियनशिप के आयोजन के बाद हॉकी इंडिया ने सभी राज्य सदस्य इकाइयों (State Member Units) से आग्रह किया है कि वे अपने संबंधित जिला संघों के साथ मिलकर काम करें और हॉकी को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए नियमित रूप से प्रतियोगिताओं का आयोजन करते हुए नई प्रतिभाओं को सामने लाने का प्रयास करें।

सभी राज्य सदस्य इकाइयों के साथ किए गए आधिकारिक संचार में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष पद्म श्री डॉ. दिलीप तिर्की ने कहा, “हॉकी इंडिया हर स्तर पर हॉकी टूर्नामेंट आयोजित कराना चाहता है। राज्य और जिला सदस्य इकाइयों को इसके लिए प्रेरित करने और इस बारे में उन्हें जानकारी देने के लिए हॉकी इंडिया ने हाल ही में चार क्षेत्रों (उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम) में से प्रत्येक में एक-एक अधिकारी को भेजा है। ये अधिकारी इन टूर्नामेंटों और कोचिंग कैम्प्स की मेजबानी करने के साथ-साथ इस खेल को दूर-दराज इलाकों में विकसित करने के लिए राज्य इकाइयों और जिला संघों को प्रेरित करेंगे। दूर-दराज तक इस खेल को पहुंचाने के लिए राज्य इकाइयों और जिला संघों को अपने संबंधित राज्य में युवाओं के बीच खेल संस्कृति को विकसित करना होगा। ये टूर्नामेंट खिलाड़ियों के लिए अपने लिए पहचान कायम करने की भावना पैदा करेंगे और इस खेल में उनकी सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देंगे।”

हॉकी इंडिया के अनुसार, प्रत्येक राज्य को पूरे साल जिला और राज्य स्तर के टूर्नामेंट आयोजित करने चाहिए और राज्य चैंपियनशिप के लिए टीमों का चयन जिला चैंपियनशिप में उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाना चाहिए। इसके अलावा, राज्य चैंपियनशिप में खिलाड़ियों का प्रदर्शन हॉकी इंडिया नेशनल चैंपियनशिप के लिए राज्य की टीम के चयन का आधार होना चाहिए।

हॉकी इंडिया के महासचिव श्री भोला नाथ सिंह ने कहा, “राष्ट्रीय चैंपियनशिप की तरह राज्य और जिला स्तर के टूर्नामेंट्स को छह कटेगरीज में बांटा जाना चाहिए। ये कटेगरीज इस प्रकार होने चाहिए-वरिष्ठ पुरुष, वरिष्ठ महिला, जूनियर पुरुष, जूनियर महिला, सब जूनियर पुरुष और सब जूनियर महिला। हमने अनिवार्य किया है कि स्टेट चैंपियनशिप के लिए टीमों का चयन जिला चैंपियनशिप में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर ही किया जाए। हॉकी इंडिया के हर शहर, कॉलोनी, ब्लॉक और गांव में हॉकी को लाने और लोकप्रिय बनाने की पहल के तहत हॉकी इंडिया में विभिन्न पदों पर बैठे अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ये टूर्नामेंट और कोचिंग कैम्प नियमित रूप से आयोजित हों। ”

ओडिशा हॉकी संघ, हॉकी झारखंड, हॉकी बिहार, उत्तर प्रदेश हॉकी, ले पुडुचेरी हॉकी, हॉकी अंडमान और निकोबार, केरल हॉकी, असम हॉकी, हॉकी जम्मू एवं कश्मीर और हॉकी अरुणाचल सहित कई राज्य सदस्य इकाइयां इन प्रतियोगिताओं और जिला स्तर पर कोचिंग कैंप पहले ही शुरू कर चुकी हैं। इसके अलावा सिमडेगा, जम्मू, जामताड़ा, हरदोई, मुजफ्फरपुर, अपर सुबनसिरी, झारसुगुड़ा और विलियानूर जैसे जिलों ने पहले ही आयु-समूह स्तर के मैचों और कोचिंग कैम्प की मेजबानी पूरी कर ली है।

‘हॉकी इंडिया का अभियान-हर घर हो हॉकी की पहचान’ प्रोग्राम के तहत विभिन्न राज्यों में हॉकी स्टिक और गेंदें भी बांटी गईं, जबकि हॉकी इंडिया के अधिकारी अपनी सदस्य इकाइयों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि इस खेल को प्रमोट करने के लिए हर स्तर पर सहायता प्रदान की जा सके।

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