रग्बी में दिख रहा है किसान परिवारों का दम, विजेता खिलाड़ियों को भाया यूपी -
Sporting Club Enters 41st All India Laxman Das Chhabra Memorial Cricket Tournament Final. Yash Bhatia Shines as Bal Bhavan Dwarka beat Delhi Cricket Hub in 49th All India Lala Raghubir Singh Hot Weather Cricket Tournament. अभय के शतक और रेहान के ‘पंजे’ से मद्रास क्रिकेट क्लब 51वें अखिल भारतीय त्यागमूर्ति गोस्वामी गणेश दत्त मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट 2026 के क्वार्टर फाइनल में । Shubman Gill to lead India’s squads in Test and ODI Series against Afghanistan. India’s Test Squad: Shubman Gill (Captain), Yashasvi Jaiswal, KL Rahul (vice-captain) Sai Sudharsan, Rishabh Pant (wicket-keeper), Devdutt Padikkal, Nitish Kumar Reddy, Washington Sundar, Kuldeep Yadav, Mohd. Siraj, Prasidh Krishna, Manav Suthar, Gurnoor Brar, Harsh Dubey, Dhruv Jurel (wicket-keeper) India’s ODI Squad: Shubman Gill (Captain), Rohit Sharma*, Virat Kohli, Shreyas Iyer (vice-captain), KL Rahul (wicket-keeper), Ishan Kishan (wicket-keeper), Hardik Pandya*, Nitish Kumar Reddy, Washington Sundar, Kuldeep Yadav, Arshdeep Singh, Prasidh Krishna, Prince Yadav, Gurnoor Brar, Harsh Dubey.Mohammad Sultan Ansari’s Century Guides Sehgal Cricket Club into the Semifinals of the 41st All India Laxman Das Chhabra Memorial Cricket Tournament. Ran Star Cricket Club Registers Victory in the 49th All India Lala Raghubir Singh Hot Weather Cricket Tournament.

रग्बी में दिख रहा है किसान परिवारों का दम, विजेता खिलाड़ियों को भाया यूपी 

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महिला वर्ग की विजेता केआईआईटी यूनिवर्सिटी ओडिशा की कप्तान डुमिनी मारिंडी और पुरुष वर्ग की विजेता भारती विद्यापीठ महाराष्ट्र के कप्तान श्रीधर श्रीकांत निगड़े ने जब रग्बी में कॅरियर बनाने की शुरुआत की थी तो इनके सामने कई चुनौतियां आई थी  पर आज दोनों रग्बी में कामयाबी की नई इबारत लिख रहे है।

रग्बी में महिला वर्ग की विजेता केआईआईटी यूनिवर्सिटी ओडिशा की टीम।

खेल टुडे ब्यूरो 

लखनऊ: भारत किसानों का देश है और देश का न नाम रोशन करने वाली  कई  खेल प्रतिभाएं किसानों के घर से निकल कर सामने आती है।

 इस बात का प्रमाण उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2022 उत्तर प्रदेश के रग्बी के फाइनल मुकाबले से मिल गया। जहां पुरुषों में भारती विद्यापीठ महाराष्ट्र और महिलाओं में केआईआईटी यूनिवर्सिटी ओडिशा की टीम चैंपियन बनी।

इन दोनों टीमों की जीत में खास बात ये थी कि दोनों ही टीमों के कप्तान किसान परिवार से आते है। इसमें पुरुष वर्ग की विजेता भारती विद्यापीठ महाराष्ट्र के कप्तान श्रीधर श्रीकांत निगड़े और महिला वर्ग की विजेता केआईआईटी यूनिवर्सिटी ओडिशा की कप्तान डुमिनी मारिंडी ने जब रग्बी में कॅरियर बनाने की शुरुआत की थी तो इनके सामने कई चुनौतियां सामने आई थी। हालांकि आज दोनों रग्बी में कामयाबी की नई इबारत लिख रहे है।

शौकिया रग्बी खेलने वाली डुमिनी बन गईं अब स्टार

डुमिनी मारिंडी, महिला वर्ग की विजेता केआईआईटी यूनिवर्सिटी ओडिशा की कप्तान ।

बात अगर डुमिनी मारिंडी की करे तो इन्होंने 2010 में शौकिया रग्बी खेलने की शुरुआत की थी लेकिन फिर इनका मन रग्बी में ऐसा रमा कि आज 21 साल की उम्र में अपनी टीम की स्टार खिलाड़ी है। हालांकि डुमिनी की लंबाई कम है लेकिन मैदान पर उनके करारे शॉट देखकर प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी हैरान रह जाते है।

इनके पिता डी.किशोर मारिंडी किसान है लेकिन अपनी बेटी को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी और उसे अपने खेल को आगे बढ़ाने में पूरा सपोर्ट किया। डुमिनी पिछले साल आयु वर्ग की  एशिया रग्बी ट्राफी की रजत पदक विजेता टीम में भी शामिल रहे थे।

डुमिनी ओडिशा की टीम से  कई नेशनल रग्बी मुकाबलों में खेल चुकी है और उनके खाते में 7 स्वर्ण सहित 15 पदक है।

केआईआईटी यूनिवर्सिटी में एमए की छात्रा डुमिनी ने खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2022 में आयोजन के लिए दी गई सुविधाओं की जमकर सराहना की। 

उन्होंने कहा कि ये खेल यूनिवर्सटी से आने वाले खिलाडिय़ों के लिए एक बेहतरीन मंच है। उन्होंने स्पोटर्स कॉलेज के रग्बी मैदान की भी तारीफ की और कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मिली सुविधाओं के चलते हमे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में मदद मिली।

डुमिनी का ये दूसरा खेलो इंडिया  यूनिवर्सिटी गेम्स है और अब उनकी निगाह आगामी एशियाड के लिए भारतीय रग्बी टीम में जगह बनाने पर है।

श्रीधर श्रीकांत निगड़े का लक्ष्य भारतीय टीम में जगह बनाना

श्रीधर श्रीकांत, भारती विद्यापीठ महाराष्ट्र के कप्तान।

पुरुष वर्ग की विजेता भारती विद्यापीठ महाराष्ट्र के कप्तान श्रीधर श्रीकांत निगड़े भी किसान परिवार से आते है ओर उनके पिता श्रीकांत निगड़े बॉडी बिल्डर रहे है और अब खेती करते है।  श्रीधर पहले फुटबॉल ख्रेलते थे लेकिन 2016 में उनके रिफलेक्स और स्पीड को  देखकर कोल्हापुर में कोच दीपक पाटिल ने उन्हें जब रग्बी खेलने को कहा ते उनके पिता बोले नया गेम है कर लो और आज उनके पिता उनकी उपलब्धियों को देखकर फूले नहीं समाते है।

श्रीधर श्रीकांत निगड़े अंडर-17 एशियन स्कूल गेम्स में भारतीय टीम के प्रतिनिधितव के साथ भारत की सीनियर रग्बी टीम का भी प्रतिनिधत्व कर चुके है। वो एशियन लेवल पर आयोजित डिवीजन थ्री  की विजेता टीम और डिवीजन फोर्थ की कांस्य पदक विजेता टीम के सदस्य रहे है।

श्रीधर का ये दूसरा खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स टूर्नामेंट है और उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दी गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि हमारी टीम को ये लगा ही नहीं कि हम घर से दूर है बल्कि ये हमारे लिए दूसरे घर जैसा हो गया और हमे चैंपियन बनने में यहां मिली सुविधाओं से खासी मदद मिली और हम निश्चित होकर खिताब की रक्षा करने में सफल हो सके।

उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स से देश को नई खेल प्रतिभाएं मिलेगी , ऐसा मुझे विश्वास है।  उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के खिलाड़ियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर का इंतजाम किया गया है जिसने हमें भी खास होने का एहसास दिला दिया।

श्रीधर श्रीकांत निगड़े यहां जीत से मिले कांफिडेंस से अब आगामी एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने पर ध्यान देंगे।

 

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