एमएमए फाइट से पहले पत्नी पायल रोहतगी की सलाह ने दी संग्राम सिंह को बड़ी राहत -
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एमएमए फाइट से पहले पत्नी पायल रोहतगी की सलाह ने दी संग्राम सिंह को बड़ी राहत

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संग्राम हैं फाइट के लिए पूरी तरह तैयार

 

 राकेश थपलियाल

नई दिल्ली। पहलवान से एमएमए फाइटर बने संग्राम सिंह ने पिछले कुछ दिनों की अपनी आप बीती का बड़े ही सधे शब्दों में बयान किया है। उन्होंने कहा कि फ्रांस के फ्लोरियन काउड्रे के साथ अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में होने वाली उनकी बहुप्रतीक्षित फाइट के लिए उन्होंने अपने जीवन में अब तक की सबसे ज़्यादा तैयारी की। इस दौरान वह अपने छह कोचों की मदद से खूब पसीना बहाते रहे। यहां तक कि उनकी रातों की नींदें गायब हो चुकी थीं। मन में एक अलग तरह का डर पैदा होने लगा था। उनके मन की यह उथल पुथल उनकी पत्नी पायल रोहतगी से देखी नहीं गई। उनकी एक राय पर अमल करते हुए उन्होंने एमएमए के लीजेंड्स जॉन जोंस, सेंट पियरे और एंडरसन सिल्वा के वीडियो देखे, जहां उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला। फिर हरियाणा में उनके परिवार की ओर से उन्हें योग और प्राणायाम की सलाह मिली, जो उनके बहुत काम आई। आज वह फख्र के साथ कह रहे हैं कि वह उस परेशानी से पूरी तरह उबर गए हैं और इस फाइट के लिए पूरी तरह तैयार हैं। शारीरिक रूप से भी और मानसिक रूप से भी। सैमुराई फाइट हाउस उनकी इस फाइट को ब्यूनस आयर्स के टिगरे में रविवार, पांच अप्रैल को आयोजित करेगा।

फिटनेस आइकन के साथ ही कई बड़ी उपलब्धियां

खेल मंत्रालय के फिटनेस आइकन संग्राम सिंह प्रधानमंत्री के फिट इंडिया मूवमेंट के देश भर में चलाए गए अभियान के एम्बेसडर हैं इसलिए वह ऐसे हर बड़े मंच पर देश के युवाओं को फिट रहने और कोई न कोई खेल अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके अलावा वह दो बार 2015 और 2016 में कॉमनवेल्थ हैवीवेट चैम्पियन रहे और 2012 में उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ प्रोफेशनल रेसलर होने का गौरव हासिल हुआ। 40 की उम्र में एमएमए में भाग लेने वाले सबसे उम्रदराज फाइटर संग्राम सिंह अब अर्जेंटीना में इस खेल में शुरुआत करने वाले पहले भारतीय बनने जा रहे हैं। उन्होने इस अवसर पर खेल मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त किया और  एमएमए के भारत में हो रहे विकास के लिए भारत सरकार को हर सम्भव सहयोग का आश्वासन दिया।

नए विपक्षी ने बढ़ाई टेंशन 

संग्राम सिंह का कहना है कि उन्होंने फ्रांस के अपने प्रतिद्वंद्वी मौटेऊ मोटेइरो के मुक़ाबलों की वीडियो रिकॉर्डिंग देखकर तैयारी की थी लेकिन उनके इंजरी की वजह से हटने के कारण उनका दूसरे फाइटर फ्लोरियन काउड्रे से मुक़ाबला पड़ गया। उन्होंने कहा है कि इस फाइटर ने अपना कोई भी वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं किया है इसलिए उन्हें उनके हिसाब से तैयारी करने का मौका नहीं मिल पाया। इतना ही नहीं, संग्राम सिंह ने इस बार अपनी तैयारियों को भी अलग तरह से अंजाम दिया है जिसके लिए फीज़ियो सहित छह कोचों से उन्होंने मदद ली। वहीं मुम्बई और अहमदाबाद के भी कई चक्कर इस तैयारी के तहत लगने से उनका अच्छा खासा खर्च हुआ।

इतना ही नहीं, दुनिया भर में बढ़ते कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का असर उनकी फ्लाइट टिकटों पर भी पड़ा। उनकी और उनकी पूरी टीम की ब्यूनस आयर्स के आने-जाने की टिकटों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है जिसकी वजह से पूरा खर्च तकरीबन 45 से 50 लाख रुपये तक बढ़ गया। संग्राम सिंह ने कहा कि प्रायोजकों का साथ उनकी सबसे बड़ी ताक़त साबित हुआ जिससे उन्हें अब बिना किसी दबाव के ज़्यादा खुलकर फाइट लड़ने में मदद मिलेगी।

जीवन के उतार-चढ़ाव 

यही संग्राम सिंह कभी बचपन में स्मेटिक रुमेटाइड आर्थेराइटिस की बीमारी से जूझ रहे थे। आठ साल बेड पर रहना और मुंह से एक भी शब्द न निकल पाना उनके जीवन का कभी न याद करने वाला पल था। इस समस्या से पूरी तरह उबरना और फिर पहलवान बनना किसी सपने के साकार होने से कम नहीं था और यहां से मिट्टी की कुश्ती के दंगलों में भाग लेना, अंतरराष्ट्रीय स्तर का पहलवान बनना, फिर रूपहले पर्दे पर एक्टिंग करना, बिग बॉस के ज़रिये आम लोगों तक पहुंचना, फिर मोटिवेशनल स्पीकर बनना और एमएमए में पहुंचने वाले पहले भारतीय फाइटर बनना, वास्तव में सपने के हकीकत में बदले जाने से कम नहीं है।

संग्राम की सबसे बड़ी ताक़त

संग्राम सिंह कहते हैं कि फिनोलेक्स, हेनरिक, वन एक्स प्रोपर्टीज़, ज़ैनिकुआ, स्पोर्टज़ोन और ग्लोबल एडवर्टाइज़िंग एमएमए के ज़बर्दस्त फैन हैं। इन्होंने इस फाइट में भागीदारी करके देश में MMA को बढ़ावा देने में बड़ा योगदान दिया है। संग्राम सिंह ने कहा कि इन कम्पनियों ने मुश्किल समय में उनका साथ दिया है। ये लोग अगर न होते तो अर्जेंटीना जाने वाले पहले भारतीय MMA फाइटर बनने का उनका सपना पूरा नहीं हो पाता।

इस बार की तैयारी में क्या है खास ?

संग्राम सिंह ने कहा कि वह इन सबके साथ खेल मंत्रालय और इस खेल के चाहने वालों को यकीन दिलाते हैं कि वह इस बार कुछ ऐसा करने जा रहे हैं, जो उन्होंने पहले नहीं किया है। उन्होंने खासकर किक बॉक्सिंग और यूयत्सू में कुछ ऐसी तकनीकें सीखी हैं, जो इस बार उनके लिए काफी उपयोगी रहने वाली है। वहीं संग्राम सिंह के कोच भूपेश कुमार ने कहा कि संग्राम सिंह ने किक-बॉक्सिंग पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित किया है लेकिन इन दिनों दिल्ली में अपने परम्परागत कुश्ती खेल का भी उन्होंने खूब अभ्यास किया। उनकी एनड्योरेंस और कंडीशनिंग पर भी काफी काम किया जा रहा है। गौरतलब है कि संग्राम सिंह अंतरराष्ट्रीय स्तर के जाने माने ग्रीकोरोमन शैली की कुश्ती के पहलवान रहे हैं। इसके अलावा हरियाणा सहित देश के तमाम इलाकों में मिट्टी की कुश्ती के दंगलों में भी उन्होंने अच्छी खासी महारथ हासिल की है। संग्राम सिंह ने इस बार सात सदस्यों के सपोर्ट स्टाफ के साथ एमएमए फाइट की जमकर तैयारी की है।

तीसरी एमएमए फाइट है

यह संग्राम सिंह की तीसरी एमएमए फाइट है। इससे पहले वह पाकिस्तान और ट्यूनीशिया के प्रतियोगिओं को क्रमश: तिबस्ली (जॉर्जिया) और एम्सटर्डम (नीदरलैंड) में शिकस्त दे चुके हैं।

अर्जेंटीना में ज़बरदस्त उत्साह 

सैमुराई फाइट एसोसिएशन के आयोजक मार्टिन पैककियाज़  ने इस अवसर पर संग्राम सिंह को भेजे संदेश में कहा है कि आपका अर्जेंटीना में आकर मुक़ाबला लड़ना हमारे लिए खुशी की बात है। हम आपका स्वागत करते हैं। आप भारत में इस खेल नम्बर वन फाइटर रहे हैं। आपका इस खेल में एक ताकत के रूप में उभरना बड़ी बात है। आपकी फाइट को देखने के लिए अर्जेंटीना में और आपके फैंस के बीच ज़बरदस्त उत्साह है। खबर तो यहां तक है कि पांच अप्रैल को टिगरे में होने वाली फाइट के टिकट एक हज़ार डॉलर से तीन हज़ार डॉलर में बिक रहे हैं।

वक्त के हिसाब से रणनीति

संग्राम सिंह आज युवाओं के आइकन इसलिए भी हैं क्योंकि उन्होंने वक्त की नजाकत को बखूबी समझा है और उसीके हिसाब से अपनी रणनीति को अंजाम दिया है। इसीलिए उन्होंने पहले रेसलिंग की। फिर पेशेवर रेसलिंग की। वहां से एक्टर, मॉडल और मोटिवेशनल स्पीकर का सफर तय करने के बाद वह इन दिनों एमएमए में अपनी तीसरी फाइट लड़ने जा रहे हैं। उनका कहना है कि युवा पीढ़ी पूरी तरह फिट रहे और इस खेल मे आ रहे युवा खिलाड़ी उनकी फाइट को देखकर प्रेरित हों, यही उनकी हार्दिक इच्छा है।

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